एक तू ही है
- Kapil Verma

- Feb 24, 2021
- 2 min read
Updated: Apr 20, 2025
एक तू ही है,
छाँव का बिछौना
साँवला सलोना,
बचपन का खिलौना,
जिसे देखे ही मुस्कुराए
दिल का हर कोना।
एक तू ही है,
मेरा बिछड़ा यार,
जो जाने बस प्यार।
आए जो पास हर बार
भले, मैंने किए हों
तुझ पर ज़ुल्म हज़ार।
एक तू ही है,
गुनाहों को मेरे
करते जाता माफ,
जो रहे साथ,
दुनिया भी गर, हुई ख़िलाफ़।
धब्बे जो आएँ दामन में हमारे,
मिलके हम, कर लेंगे साफ।
एक तू ही है,
जो मुझसे खोता नहीं,
खोता हूँ, खुद को पर,
दूर मुझसे तू होता नहीं।
छुअन, लकिटों को मेरे,
दीवारों से दिल के
अपनी तू धोता नहीं।

एक तू ही है,
खिसका हुआ काजी!
खुशी दे लइं मेरी
करे जालसाज़ी।
किस्से कहानियाँ
सुनाता ताज़ी-ताज़ी,
नवाबों सी मेरी,
करता मेहमान-नवाज़ी।
एक तू ही है,
जो बिन बोले मेरी
समझे ज़ुबानी,
खोले मेरी उलझी कहानी।
गहरे कुओं से मेरे
खींच लाए, छिपा पानी।
एक तू ही है,
जो तोड़े जाए,
सहने के पैमाने।
सुस्त सा मुझमें जो
चाबी भरने की ठाने।
यारी की कमीज़ कि सिलवटें,
प्रेम कि इस्त्री से लगे सुलझाने।
एक तू ही है,
जो अपना सब मेरा जाने,
और जाने मेरे सब
तहखानों के ठिकाने।
तोले मुझे उनसे,
जो हैं सितारे जाने माने।
रख लूँ हक का तेरा जो,
बूढ़ी अम्मा सा लगे सुनाने।
एक तू ही है,
मेरी ग़फ़लतों की किताब, बागानों का मेरे, खिलता गुलाब
ढलती रात का चढ़ता आफताब।
मेरी रिसती पानी सी
जिंदगी को थामता तालाब।
एक तू ही है,
जो, जैसा भी हूँ, अपना कहे।
पोटली से बराबर का गम
उठाकर, मेरे साथ में सहे।
दूर होकर भी जो पास रहे।
एक तू ही है,
एक तू ही तो है।
Meaning of :
छुअन : स्पर्श, The touch
लकिटे : लापरवाही से जल्दी-जल्दी कुछ लिखना, Scribbles
काजी : काम-धंधा करनेवाला, Worker
पैमाना : मानदंड, Scale
इस्त्री : Ironing
ग़फ़लत : असावधानी, Mistakes
आफताब : सूरज, Sun

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