लाज़मी अहसास
- Kapil Verma

- Feb 4, 2021
- 1 min read
Updated: Apr 20, 2025
ख़ुश-चेहरे ही अपने नहीं
अपनों को भी हसीं मानो।
दिलकश सपनों का साहिल
आँखों तक कामिल जानो।
उड़ती तितली ही सुंदर
मचलो न कैद करने को।
यार का ही दामन थामो
जानिब-ए-मंजिल चलने को।
क्या ग़म उसका जब खोया
वो जिसको पाया ही नहीं।
यूँ मुरझाओ नहीं जैसे
सर पर कोई साया नहीं।
तेरे रहबर वही हैं जो
रिश्ते आए विरासत में।
बस दौलत ये साथ लिए
चल तू ख़ुद की हिरासत में।
ज़ख़्मी करता जाए जो
उस से क्यूँ मलहम की आस।
जान जो वारा करता था
रख उसको सिरहाने पास।
ख़्वाहिश के शोले नम करने
आँखों को मत कर खाली।
तेरी झोली में इक दिन
अज़ीज़ गुल देगा माली।

Meaning of :
लाज़मी : ज़रूरी, Imperative
दिलकश : प्यारा, lovely
साहिल : किनारा , shore
कामिल : पूरा, complete
जानिब-ए-मंजिल : मंजिल की ओर , towards the goal
रहबर : राह दिखाने वाला, guide
नज़्म-ए-मु'अर्रा
Meter बह्र: बहर-ए-हिन्दी मुतकारिब मुरब्बा मुज़ाफ़ (22*3 2)


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