उड़ानें
- Kapil Verma

- Apr 2, 2020
- 1 min read
Updated: Apr 20, 2025
परिंदों की बस्ती में सीखने चले थे उड़ना,
सपेरों से, रेंगने का तजुर्बा लेकर आ गए।
अपनों के सपनों का क़र्ज़ न चुकता देख,
अपने ही सपनों के पंखों को खा गए।
जमात के अपनी, जो सीखे उड़ना कैदखानों में,
उन दिलेरों से, जिगर में हौंसला सा पा गए।
फिर कुछ उड़ानें मांगी अपने सुस्त परों से, तो,
उफ़क़ पर, शक के बादलों सा खुद ही छा गए।
अपनी ख़्वाबीदा आँखों के दुश्मन हम खुद ही,
जिन आँखों ने नज़रें अपनी शिखर पर ताकि हैं।
हिम्मत कहती मुझसे अपनी, के "हिम्मत कर",
कह बादलों से, "परों में तेरे कुछ उड़ानें बाकी हैं।"

Meaning of :
तजुर्बा : अनुभव, Experience
जमात : कक्षा, Class
दिलेरों : साहसी, Venturesome
उफ़क़ : क्षितिज, Horizons
ख़्वाबीदा : नींद में, सोया हुआ, Sleepy


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