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टीस

  • Writer: Kapil Verma
    Kapil Verma
  • Mar 24, 2025
  • 1 min read

Updated: Mar 2

याद की टीस में जीने के अब तरीक़े मिले हैं कई,

वक्त की डोर से मैंने भी ज़ख़्म दिल के सिले हैं कई।


ज़िंदगी से हमेशा अमीरों के शिकवे-गिले हैं कई,

सब्र के फूल, ग़ुर्बत की मिट्टी में अक्सर खिले हैं कई।


सोहबतें हैं कई, तोहमतें हैं कई, सब्र रखना ज़रा,

इस रह-ए-शौक़ में हर नए रंग के सिलसिले हैं कई।


काविशों से तराशी तिरी राह यह राएगाँ तो नहीं,

रुक ज़रा देख मुड़कर भी, पीछे तिरे क़ाफ़िले हैं कई।


नक़्श-ए-निय्यत, ख़ुद अपना बदलता रहा हूँ मसाइल के साथ,

मुल्क-ए-दिल में मिरे मतलबी वहशियों के जिले हैं कई।



Night scene with glowing windows of cozy houses lining a wet road. A large full moon sets a serene mood, with trees and a dark sky.

Meaning of:

  • टीस : कसक

  • ग़ुर्बत : ग़रीबी

  • सोहबत : साथ, संगत

  • तोहमत : झूठा आरोप

  • रह-ए-शौक़ : लगाव या लगन का रास्ता

  • काविश : जुस्तजू और मेहनत से पूरा किया हुआ काम

  • राएगाँ : बेकार

  • नक़्श : छवि

  • मसाइल : समस्याएँ

ग़ज़ल

Meter (बह्र): मुतदारिक सालिम मुसम्मन (212*6)

1 Comment


Guest
Apr 08, 2025

Very good

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©2021 by Kapil Verma

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