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रफ़ू

  • Writer: Kapil Verma
    Kapil Verma
  • Oct 20, 2024
  • 1 min read

Updated: Mar 2

अजनबी तबस्सुम भी, यूँ असर करे कोई

प्यार से रफ़ू जैसे, ज़ख़्म पर करे कोई


ये ग़ज़ाल सी आँखें, लूट लें समाँ फिर से

दो घड़ी ज़रा खुद को, बे-नज़र करे कोई


शहद की रखे ख़्वाहिश, शान से, मगर पहले

एक गुल खिलाने का, दिल-जिगर करे कोई


परवरिश में जाँ सारी, वार दी है जिस माँ ने

हर दफ़ा उसी को क्यूँ, दर-गुज़र करे कोई?


ना-तवाँ हैं रिश्ते सब, टूटने को राज़ी हैं

एक बात हिस्से की, जब इधर करे कोई


शोर है मिरी दुनिया, ख़ामुशी तुम्हारी है

जोड़कर ज़रा इनको, ख़ूब-तर करे कोई


है पसंद में सबकी, इक कली शगुफ़्ता पर,

ख़ुश्क से गुलों को भी, हम-सफ़र करे कोई


हार पर मिरी जो सब, हँस रहे ज़माने में

जीत पर मिरी उनको, बा-ख़बर करे कोई


दर्द का सिपाही इक, मुस्त'इद सा रहता है

मेरे साथ चलने की, बात अगर करे कोई


क्यूँ है तेग़ लफ़्ज़ों की, बात-बात में शामिल?

ख़ामुशी से मुझको भी, बे-सिपर करे कोई



A bee on a flower

Meaning of :

  • तबस्सुम : मुस्कान, smile

  • ग़ज़ाल. : हिरण, deer

  • गुल : फूल, flower

  • दिल-जिगर: हिम्मत, courage

  • दर-गुज़र : भुला देना, नज़र अंदाज़ करना, ignore, forget

  • ना-तवाँ : कमज़ोर, weak

  • शगुफ़्ता : खिला हुआ, फुला हुआ, bloomed

  • ख़ुश्क : सूखा, रूखा, dry

  • मुस्त'इद : तैयार, prepared

  • बा-ख़बर : जानने वाला

  • तेग़ : तलवार, sword

  • सिपर : ढाल, shield

ग़ज़ल

Meter (बह्र) : मोक़तज़िब मुसम्मन मतवी मकतो (2121 222 2121 222)

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