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ग़म-शनास

  • Writer: Kapil Verma
    Kapil Verma
  • Sep 15, 2024
  • 1 min read

Updated: Mar 2

मिलता उसे है छब मिरा हर ग़म-शनास में

भरती हैं सिसकियाँ सबा भी मेरे पास में


मौजूदगी तो क्या वो नहीं है क़ियास में

लगता मगर कहीं है मिरे आस-पास में


सब कुछ कमाल और नया सा लगा था तब

हर शय है अब हमारी तवज्जोह की आस में


क्या ग़म कि दिन उड़ेगा किसी दिन गिरफ्त से

गिनती तो हो गई मिरी कब से हिरास में


इक शख़्स काँच सा वो दिए था मुझे पनाह

पुर्ज़े उसी के जज़्ब हैं होश-ओ-हवास में


इतना जुड़ा हुआ न हो दिल ये किसी से भी

यकसाँ तरंग फूट है लाती असास में


मारे बहुत ही हॉर्न जो आया न कोई तो

मैं रेल ले चला हूँ अकेले भड़ास में


हों जल्द ही ये दर्द के सैलाब ख़त्म सब

कुछ जाम अश्क़ के मियाँ रख लो गिलास में



A grief stricken man standing next to a river

Meaning of:

  • ग़म-शनास : दुःख पहचाननेवाला, knower of grief

  • सबा : पूरब से पश्चिम की ओर चलने वाली हवा, बयार, the morning breeze

  • क़ियास : अनुमान, कल्पना, thought, conception

  • शय : चीज़, object

  • तवज्जोह : ध्यान, ग़ौर attention

  • हिरास, इयास : मायूसी, नाउमीदी, despair

  • जज़्ब : मिल जाना, विलय हो जाना, absorbed

  • हवास : इन्द्रियाँ, होश, the (five) senses

  • यकसाँ : एक जैसा, alike, same

  • असास : बुनियाद, इमारत, base, foundation, building

ग़ज़ल

Meter (बह्र): मुज़ारे मुसम्मन अख़रब मकफ़ूफ़ महज़ूफ़ (221 2121 1221 212)



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