रात भर
- Kapil Verma

- Apr 23, 2024
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Updated: Mar 2
बारहा दिल मचलता रहा रात भर
करवटें वो बदलता रहा रात भर
दास्ताँ में नया मोड़ आता रहा
हर कदम मैं, पिघलता रहा रात भर
ख़ूँ-शुदा लम्स ख़ल्वत में बसता गया
हर दफ़ा दम निकलता रहा रात भर
ख़ैरियत का दरीचा भी हिलता रहा
ज़लज़ला सा टहलता रहा रात भर
रास्ता देखती नींद तो सो चली
ख्वाब ऐसा बहलता रहा रात भर

Meaning of:
Meter (बह्र) : मुतदारिक मुसम्मन सालिम (212*4)


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