तेरा आँचल
- Kapil Verma

- Apr 9, 2021
- 2 min read
Updated: Apr 20, 2025
यह मन, अक्सर तेरी सूरत को तरसाता है।
ख़्वाब तुझे जब पल भर को ज़िंदा कर जाता है।
अनजाने चेहरे में, अक्स तेरा दिख जाता है।
माँ, उस रोज़ आँचल तेरा, याद खूब आता है।
कल तक, इतनी क़ुर्बत में था जो प्यारा सपना,
कैसे वो आज, आँखों से ओझल हो जाता है?
बोली सुनने को तेरी जब मन भर आता है।
उस लम्हे आँचल तेरा, याद खूब आता है।
रुख़ से कोई मिरे जब तुझको खोजे जाता है।
कोई वजह बिन, ताने मुझे दिए जब जाता है।
कोई अपना भी न समझ मुझको जब पाता है,
माँ, उस दम, आँचल तेरा, याद खूब आता है।
इक बस सिवा तिरे लेकिन दुनिया से हर कोई,
जब तारीफ़ों में पीठ थपथपा कर जाता है,
मेहनत का मेरे हाथों तगमा रख जाता है।
माँ, उस वक्त आँचल तेरा, याद खूब आता है।
बद-नज़मी आलम, डाँट की कमी जब पाता है,
अच्छा सा कुछ या फिर बुरा ही कुछ, कर जाने पर,
जब मन तेरी आवाज़ का भरम सा पाता है।
उस फ़ुर्सत आँचल तेरा, याद खूब आता है।
अनजान तेरे बारे में जब पूछे जाता है।
तेरे बोए नीम से जब सामना हो जाता है।
बूढी तस्वीरों से, ज़िक्र तिरा हो जाता है,
उस सूरत आँचल तेरा, याद खूब आता है।
घर मन का, जब तेरी ख़ुशबू से भर जाता है।
शाख़ से जो ताज़ा पत्ता भी जब गिर जाता है।
गहरा बादल भी जब, ज़मीं प्यासी रख जाता है।
माँ; हर पल आँचल तेरा, याद ख़ूब आता है।

Meaning of :
अक्स : परछाई, Spitting image
रुख़: सूरत, face
क़ुर्बत: नज़दीकी, Nearness
तगमा: पुरस्कार, पदक, Medal
बद-नज़मी आलम : अनुशासनहीन स्वभाव, Undisciplined temperament
नज़्म-ए-मुक़फ़्फ़ा
Meter (बह्र): बहर-ए-मीर (22*6 2)



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