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है बाकी

  • Writer: Kapil Verma
    Kapil Verma
  • Jul 10, 2022
  • 1 min read

Updated: Apr 20, 2025

ग़म की सुरन्ग में जितनी रुसवाई है बाकी

उतना ही बढ़ कर नूर-ए-रहनुमाई है बाकी।


करवट उल्टी लेती है किस्मत ये माना पर

नींदों में उसकी कितनी अंगड़ाई है बाकी।


उनका क़्या पछतावा? जो क़ुछ सपने कम हैं जिये

सपनों में जीने की सब कारवाई है बाकी।


ताना देता जमघट तुम को अक्सर घेरे है

उस में तकते नादाँ की बीनाई है बाकी।


गो ग़म मेरे हिस्से के सब थे तेरे हिस्से

खाते में उनकी सारी भरपाई है बाकी।


गहरे सागर बीच डुबाती तुमको ये वहशत

आखिर कब तक? साहिल की दिलरुबाई है बाकी।


A lady looking for light beyond a tunnel


Meaning of:

  • रुसवाई - अपमान और दुर्गति

  • नूर-ए-रहनुमाई - राह दिखाता उजाला

  • साहिल- किनारा

  • बीनाई - नज़र

  • वहशत - क्रूर आचरण


Meter (बह्र) : 22*6 2

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©2021 by Kapil Verma

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